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Friday, November 26, 2021

Short poetry in hindi | Best Hindi Poetry Lines | कविताएं

 Short poetry in hindi


Short poetry in hindi
Short poetry in hindi

इक बाप मुझे रखता था ताब से
अब अधमरा सा हो गया है एक घाव से
बाप के इज्जत से खेलना मंजूर ना था बेटी को बस किसी ने धो दिया चेहरा तेजाब से

ये कैसा इश्क है जनाब
की ये कैसा इश्क है जनाब दिल तो टूटा जीने की आस भी टूटी है मैं चक कर तो नही आया पर सुना है बड़ी कड़वी प्रेम की बुटी है
ये जो कहतें है आजकल की मोहब्बत में सच्चाई नही

की  ये जो कहतें है आजकल की मोहब्बत में सच्चाई नही अगर शादी है इल्जाम इसका तो राधा की मोहब्बत झूठी है

ऐ खुदा अगर मोहब्बत गुनाह है तो इसकी सजा दे
की ऐ खुदा अगर मोहब्बत गुनाह है तो इसकी सजा दे ना सूझे जो कुछ सजा में तो मेरी मैयत सजा दे
 

यार ये क्या कर रहे हो
दर्द जमाने से बया कर रहे हो
ये बेवफाओं की दुनिया  है तुम वफा कर रहे हो

मैने उसे सबसे रूबरू और उसने मुझे गुमराह रखा है
जैसा ओ है वैसा ओ मुझे जमाने मे बता रखा है

एक वक्त था जब ओ बाबू सोना कहा करता था
अब नाम उसने मेरा बेवफा रखा है


ख्वाबो की किताबें जला दी गयी
उठायी जो आवाज दबा दी गयी
और उसे देखा गया एक गैर के साथ
इसलिए ओ लड़की ब्याह दी गयी
Short poetry in hindi
Short poetry in hindi


मेरी मजबूरियां डसती थी उसे
किसी के छूने से ओ पाक हो गया
जिस्मो से परे रहो वाला प्यार खाक हो गया
उसकी कुछ ख्वाहिश ना पूरी कर सकी मैं
बस इसलिए शादी से पहले हमारा तलाक हो गया

कितनी भी पुरानी हो
पर हमारे कपड़ो से पहले पापा की कमीज नही बदलती
नाराजगी जितनी भी हो घर की दहलीज नही बदलती
माँ के फिक्र देखकर होता है एहसास कभी कभी
वक्त के साथ हर चीज नही बदलती

वक्त के साथ लोग जुबान बदल देते हैं
अपने बाबु सोना और जान बदल देते हैं
अरे देखा है मैने लोगों को
जरूरत पूरी ना होने पर भगवान बदल देते हैं
Short hindi poetry
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हमसफर के बिना जिंदगी आधी है
की हमसफर के बिना जिंदगी आधी है तो मैं आधा ही ठीक हूं
ज्यादा सौख नही मेरे मैं सीधे साधा ठीक हूं
तुम बन जाओ बाबू सोना जान की किसी की
मैं मम्मी का शहजादा ठीक हूं

मैंने बेवफाओं की कहानियां सुनाई
की मैंने बेवफाओं की कहानियां सुनाई उसने सच बना दिया
मेरी कमजोरियों को ही उसने कवच बना दिया
क्या कहूँ मैं उसके बारे में मैं माँ का लाड़ला था उसने मगरमच्छ बना दिया

जंग लगे लोहे से भी समसिर बना देती है
लिखने पर आए तो तकदीर बना देती है
टूटने से मत डरना दोस्तों
ओ माँ है फटे दुध से भी पनीर बना देती है

दूर ही रहे हम इश्क मोहब्बत की धंधे से
या कह लो कि भरोशे लायक मीले ही नही किसी बन्दे से
थामने का किसी का हम भी थाम लेते
पर मिला नही मजबूत कोई पापा के कंधे से

Poetry By Bawa 

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