प्रयागराज वालों के लिए - poetry for prayagraj - All Shayari-Hindi poems,Love shayari,Hindi Quotes,shayari status

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Tuesday, November 2, 2021

प्रयागराज वालों के लिए - poetry for prayagraj

 Poetry for prayagraj


Poetry for prayagraj
Prayagraj

ना मैं वीर रस गाता हू ना करुण गाकर शोक मनाता हूँ

मैं प्रयागराज वाशी हूं यारो जो देखती हैं नजरे उसी से अपनी पंक्तिया बनाता हूँ

जो लिखी हैं पंक्तिया कलम ने नजरो की इसारो से ओ मैं आज  एक ख्वाब के मंच के नाम करता हूं
हाँ मैं प्रयागराज हूँ

मैं जेठ की दुपहरी में ओ आमों वाला बाग हूँ
मैं सांझ ढले हर मांग में सजने वाला सिंदूरी सुहाग हूँ
हाँ मैं प्रयागराज हूं
हाँ मैं प्रयागराज हूं ।।

मैं जुए में नधने वाला खेतो का हल हूँ
मैं संगम के त्रिवेणी का पावन जल हूँ
मैं द्वार पर बंधी खूंटे में गउं माता का अग्राशन हूं
मैं माघ मेले में आये सर महात्माओ का सिंघांशन हूं
मैं द्वार पर आए भिखारी का भीख हूँ
मैं धूल में गिरी निम की सिक हूँ

मैं चन्द्र शेखर आजाद की कुर्बानी हूँ
मैं ही झांसी कु रानी हूँ मैं निराला हूँ
मैं सुभद्राकुमारी चौहान की कविता हूँ
मैं ही हरिराय बच्चन की मथुआला हूँ
मैं आज भी चूल्हे की रोटी हूँ
मैं खूंटी में टँगी बाबू कु धोती हूँ

मैं ज्ञान का समुंदर हूँ
मैं ही भक्ति प्रेम का मंजर हूँ
मैं शहर में चलने वाला टांगा हूं
मैं राम का अक्षयवट हूँ
मैं चिड़िया को चुगने वाला दाना हूं
मैं खेतों में लहराती हुई गेंहू की बालिया हूँ
मैं पान खाने वाला शहरी नवाब हूं
हाँ मैं प्रयागराज हूँ हॉ मै Prayagraj हूँ

मैं पंडित वाली कथा हूं
मैं मिट्टी में सने नन्हे बालक की व्यथा हूँ
मैं संगम तट पर उड़ता पंक्षी आजाद हूँ
हाँ मैं Prayagraj हूँ हॉ मै प्रयागराज हूँ

Poetry By Shivam Mishra 

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