Gazal shayari | hindi ghazal shayari - All Shayari-Hindi poems,Love shayari,Hindi Quotes,shayari status

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Tuesday, November 9, 2021

Gazal shayari | hindi ghazal shayari

Gazal shayari 

Gazal shayari
Gazal shayari

लिखूंगा नाम अपना बता कर तुम्हारा मैं 
जैसे साथ निभाती है बिंदी वैसे नुक्ता हमारा होगा 
और महफ़िल पकड़ लेगी झूठी मुस्कान से मेरी 
जब मेरी गलजो में झूठ इतना प्यारा होगा

मेरी गैर मौजूदगी के खुसी वाला दौर बताओ
मेरे जैसा ही यादों का कोई सिरमौर बताओ
अ रकीब ध्यान रखते हैं
या तन्हाई से निकाह कर लिया
खैर ये ओ छोड़ो मगर कुछ और बताओ

जान तुम्हारे बिन हम रह नही पायेंगे  हम पागल हैं
कुछ कहेंगे कुछ कह नही पाएंगे हम पागल हैं
और यू तो दरख्त से रुक्सत होते हैं पत्ते होते रहेंगे
पर तुम्हारी जुदाई सह नही पाएंगे
हम पागल है

किया था इंतजार जिसका सिरहाना बनकर
दिया था साथ जिसका किनारा बनकर
पूरे सफर का वादा आधे सफर में दम तोड़ दिए
कसम थी जिनको देंगे सहारा बनकर 

Best Gazal shayari


एक दिन महफिल का ऐसा नजारा होगा
मेरी शायरी के हर अक्ष तुम्हारा होगा
कभी किसी रचना का खाली नही जायेगा सार मेरा
कभी मसला तो मतला तुम्हारा होगा

लिखूंगा नाम अपना बता कर तुम्हारा मैं
जैसे साथ निभाती है बिंदी वैसे नुक्ता हमारा होगा
और महफ़िल पकड़ लेगी झूठी मुस्कान से मेरी
जब मेरी गलजो में झूठ इतना प्यारा होगा

आँख लड़ी बात झिड़ी प्यार हुआ
की आँख लड़ी बात झिड़ी प्यार हुआ इससे ज्यादा और क्या होगा
नींद उड़ी बेचैन हुए इजहार हुआ
इससे ज्यादा और क्या होगा
और दिल सहन जाता था सुन के बिछड़न
रूह कांप उठता था जिनका वहीं रकीब का यार हुआ
इससे ज्यादा क्या होगा

सीहा रात और बादल गरजते रहे
आंसू गिरते रहे सपने बिखरते रहे
ना मंजिल का पता ना राह की खबर
बस युही दर बदर हम भटकते रहे
क्यों छोड़ा गांव अपना क्यू तोड़ा ख्वाब अपना
यही सोच सोचकर हम रात रात भर तड़पते रहे
मिला नही ठिकाना ना बना कोई हम राही
हर मोड़के साथ हम बस मैखाने बदलते रहे
क्या होगा अंजाम इस ना समझ फैसले काब्यान्स
बस यही सोच में मुससल ही जाम चलते रहे

दर्ज होती हैं कहानियां अधूरी मोहब्बत की
मुकम्मल मोहब्बत सदियों तक चर्चे नही रहते
देखकर खुस हमें ओ हैरान रह जाते हैं
उन्हें कौन बताये सूखे पेड़ों के पत्तो पर असर नही रहतें
तकलिंफ गैरो को कौन कब तक दिखायेगा
आंसू अब दिल मे रहतें है आँखों से नही बहतें
क्या शिकवा करना अब किसी और से
की क्या शिकवा करना अब किसी और से जमाना बुरा सही मगर खुद को भी हम अच्छा नही कहते
मर्ज ठीक हो जाते इश्क के मरीजों के यार इस दुनिया क्यो शराब के झरने नही बहतें 

कोई आया है मुझसे मिलने तो बिठाओ नाम क्या है
मेरी तारीफे कर रहा है तो पूछो दाम क्या है
क्या क्या कहा तुमने बड़ी बेशब्री से इंतजार कर रहा है
तो फिर पूछो काम क्या है
की कोई आशिक है तो अपने साथ ले जाओ
कोई आशिक है तो फिर अपने साथ ले जाओ हालत क्या होती है आशिको की पूरी कहानी बताओ
की फिर भी जिद कर रहा है ऐसी चाहत का तो दोस्त उसे रोको नही मेरी जिंदा लास दिखाओ
की देखने के बाद वादा है सब छोड़ देगा
जिसके लिए आज तड़प रहा है उसी से मुँह मोड़ लेगा
इस तरह एक परिंदे को कायर होने से बचा लिया
और मार्किट में कम्पटीशन बहोत इसलिए शायर होने से बचा लिया 
💘💕Gazal shayari 

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