Love poetry in hindi लव पोइट्री इन हिंदी Shayari poetry in hindi - All Shayari-Hindi poems,Love shayari,Hindi Quotes,shayari status

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Friday, October 8, 2021

Love poetry in hindi लव पोइट्री इन हिंदी Shayari poetry in hindi

Love poetry in hindi 


Love poetry in hindi


तूने मेहंदी के साथ ये काजल ना लगाया होता तो अच्छा होता 
की तूने मेहंदी के साथ ये काजल ना लगाया होता तो अच्छा होताऔर अपनी बहकती निगाहों किसी को अपना ना बनाया होता तो अच्छा होता
और वैसे तो लैला मजनू और हीर रांझा जैसे कई दौर आये इस जमाने मे
पर तेरी ये खूबशूरती का दौर ना आया होता तो अच्छा होता

की बात उनसे बने हुए बिन बिगड़ गयी अब बताओ क्या करे
 बात उनसे बने हुए बिन बिगड़ गयी अब बताओ क्या करे और सोच कर उनको कई राँते ही गुजर गई अब बताओ क्या करे 

और कांधे कई और थी उनके पास अपने आँशु गिराने को पर रोते रोते वो मेरे सीने से ही लिपट गयी अब बताओ क्या करे
और दीवाने थे कभी हम भी उनके और तरसते थे उन्हें अपना बनाने को
आकर मेरे बाहो ही खुद कली की तरह सिमट गई अब बताओ क्या करे 

तुम्हारे अंदाज बदल गए
कोई बात है ना
तुम्हारी पहली मोहब्बत हूं
तुम्हे याद है ना

तुमनें पकड़ा हाथ किसी और का
तुम चढ़ पड़ी दुनिया हसीन लगी
और तुम निकल पड़ी

आज मुझे हराकर
तुम तो जीत जाओगी
लेकिन मेरा वादा है
बुढ़ापे तक मेरा गीत गाओगी

दुनिया की रिवाज है
चलती रहेगी
ये जवानी ही तो है 

Best Love poetry in hindi 


काफी इश्क़ है तो चाय प्यार है
की काफी इश्क़ है तो चाय प्यार है काफी दोस्त है तो चाय यार है
काफी गोरी है तो चाय थोड़ा सावली है पर दुनिया गोर ज्यादा सावले पर बावली है
काफी मीठी है तो चाय मिठास है
काफी उम्मीद है तो चाय एहसास है
काफी महंगी है तो चाय थोड़ा सस्ती है पर दुनिया महंगे से ज्यादा सस्ते पर बस्ती है 

काफी दिन है तो चाय रात है काफी बून्द है तो चाय बरसात है
काफी थोड़ा आगे है तो चाय थोड़ा पीछे है
पर चाय अपनी पहचान से खुद ही अपने ओर खिंची है
काफी रंगत है तो चाय सूरत है काफी अच्छी है तो चाय खूबसूरत है 

काफी शहरी है तो चाय देहाटी है काफी दूर करती है तो चाय बुलाती है
जैसे चायपत्ती और काफी पाउडर की कभी यारी नही हो सकती
उसी समय मरते दम तक काफी  चाय पर भारी नही जो सकती

की तू कहती थी कि मुझे तुमसे प्यार है
तू कहती थी कि मुझे तुमसे प्यार है तो बताओ उस प्यार का पैगाम क्या है अगर तूने मुझे जीता था तो बताओ जीत का इनाम क्या है
और लाख कोसिस कर ली मेरे इस कम्बख्त दिल ने तुझे भुला देने की
पर जो खाकर तूने मुझे भुलाया मुझे ये बताओ उस दवा का नाम क्या है 

इन निगाहो से झलकता तुम एक सवाल देखो ।।
की इन निगाहो से झलकता तुम एक सवाल देखो झुमका कानो में तेरे इस घायल का हाल देखो
उड़ा है अफवाह तेरे हुश्न के नादानी पर
की उड़ा है जमाने मे अफवाह तेरे हुश्न के नादानी पर चलती राहो में पायल की चाल देखो
झुमका कानो में तेरे इस घायल का हाल देखो
की चेहरे से जैसी नजर हटी तो वहाँ जा अटकी
हाथो से सहलाते ओ रेशमी बाल देखो
झुमका कानो में तेरे इस घायल का हाल देखो
Love Poetry By Harsh Rai

इश्क मोहब्बत का तो पता नही
पर हां तुम्हारी याद आती है
गुमसुम अकेली शामो में मुझसे अक्सर कुछ कह जाती है
Ishq mohabbat का तो पता नही ,पर हां तुम्हारी याद आती है

उन्ही यादों का एक पुलिंदा हूं मैं
कुछ हिस्सा तुम्हारा आज भी जिया जा रहा है मुझमे
मेरी बांतो और खामोशी में हाले दिल की मध्यम सिर गोशी में
निंद और बेहोशी में
ख्वाबो की एक दुनिया तुम तक मुझे ले जाती है
इश्क मोहब्बत का तो पता नही , पर हां तुम्हारी याद आती है

दुनिया के झमेलों से ,
की दुनिया के झमेलों से अक्सर जब थक जाती हूं
जिंदगी के थपेड़ों से निढाल जब पड़ जाती हूं
दो घड़ी को बैठु जो सुकून की तालाश में कभी
आंखों के आगे तेरी तश्वीर झिलमिलाती है

धूमिल सा एक चेहरा धूमिल सी एक छवि
तारो के जुगनू से जगमातीं है
और फूलों सी तेरी कुछ यादें
कहीँ दूर से खिल खिलाती हैं रेशमी लम्हो को लड़िया
तेरे साथ जो बिताए थे उन रेशमी लम्हो की ओ लड़िया निगाहों से टूट रुखसारो पर बिखर जाती है
की इश्क मोहब्बत का तो पता नही पर हां तुम्हारी याद आती है
की इश्क मोहब्बत का तो पता नही जनाब तुम्हारी याद बहोत आती है
Love Poetry in hindi By Nidhi Tripathi

Shayari poetry in hindi


अगर मिल जाये मुझे साथ तेरा
की अगर मिल जाये मुझे साथ तेरा मेरे हाथों में हाथ तेरा तो मानो एक काटा भरा रास्ता भी मुझे हमसफ़र लगता है
और जबसे तू जुदा हुई है ना
मुझे आज भी तेरे शहर से निकलने वाली हर बारात से डर लगता है 

और यू तो आशियाना बना लिया था तूने मेरे दिल में...
 यू तो आशियाना बना लिया था तूने मेरे इस दिल में पर तेरे बर्फ भी ये घर बेघर लगता है
और आज भी तेरे शहर से निकलने वाली हर बारात से डर लगता है

की वो वक्त भी कितना हसीन था
जब रब ने मुझे तुमसे मिलाया था
तुम हमारे हुए और तुमने भी हमे अपना बनाया था
तुम्हे देखकर लगा की मानो तुम कोई खिलते हुए फूल हो और उसी फूल के खुशबू से तुमने मुझे भी महकाया था
पर उन जाड़ो की सर्ज रातो में भी मानो एक मौसम बाहर हो रहा था 

शायद मुझे प्यार हो रहा था
तेरा नजरे झुकाकर मुझको यू देखते रहना और मेरे खुस होने पर तेरा भी खुस होते रहना और समझ तो मैं भी गयी थी
वो डढ़ियल मुझे चाहता है पर हमने चलो जाने दो उनसे भी अब क्या कहना
मगर सच कहू तो तेरी उस एक तरफा मोहब्बत करना
मुझे भी बेशूमार हो रहा था शायद मुझे प्यार हो रहा था

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